AIMIM के 4 विधायकों के आने के बाद RJD बनी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को बिहार में तगड़ा झटका लगा है। ओवैसी के पार्टी के 5 विधायकों में से 4 MLA ने राजद का दामन थाम लिया है। AIMIM के टिकट पर बिहार के अमौर से अख्तरुल इमान, बायसी से सैयद रुकनुद्दीन अहमद, कोचाधामन से मो. इजहार असफी, जोकीहाट से शाहनवाज आलम और बहादुरगंज से मो. अंजार नईमी ने जीत हासिल की थी। अख्तरुल इमान को छोड़ ओवैसी के चारों विधायक अब आरजेडी में शामिल हो गये हैं। अख्तरुल इमान अभी भी AIMIM के ही साथ हैं। ओवैसी के चारों विधायकों के आरजेडी में शामिल होने के बाद राजद बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। बिहार में ओवैसी की पार्टी AIMIM में टूट हो गयी है। 5 में से 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गये है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आज खुद कार चलाकर बिहार विधानसभा पहुंचे थे। बताया जा रहा है एआईएमआईएम के चारों विधायकों को लेकर तेजस्वी यादव विधानसभा पहुंचे थे। AIMIM के 5 में से 4 विधायक मो. शाहनवाज, मो. इजहार आसफी, सैयद रूकमुद्दीन और मो. अनजार नईमी अब आरजेडी में शामिल हो गये हैं। राजद में शामिल होने के बाद अब ओवैसी के चारों विधायक राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव से मिलेंगे।  दरअसल बिहार विधानसभा में 5 विधायकों के साथ अपनी मौजूदगी का एहसास कराने वाली ओवैसी की पार्टी AIMIM के विधायक टूट गये हैं। इसके साथ ही फर्स्ट बिहार की खबर पर एक बार फिर से मुहर लगी है। फर्स्ट बिहार ने पिछले दिनों बताया था कि ओवैसी के विधायकों पर लगातार दूसरे दल की नजर बनी हुई है और कम से कम चार विधायक पाला बदल सकते हैं। 


फर्स्ट बिहार ने विधायक दल के नेता अख्तरुल इमान से भी इसे लेकर बातचीत की थी। AIMIM के नेता अख्तरुल इमान ने भी कबूला था कि उनके विधायकों को दूसरे दलों की तरफ से लगातार ऑफर मिल रहे हैं हालांकि उन्होंने भरोसा जताया था कि विधायक टूटने वाले नहीं। बावजूद इसके अख्तरुल इमान का कहना है कि छोटा दल होने की वजह से उनके विधायकों को लगातार ऑफर दिए जा रहे हैं।


फर्स्ट बिहार ने 15 दिन पहले अपने दर्शकों को बताया था कि  AIMIM के विधायक RJD के संपर्क में हैं। इन विधायकों को लगातार कई नेताओं की तरफ से ऑफर दिए जा रहे हैं। हमने इस बाबत AIMIM के दूसरे विधायकों से भी बातचीत की थी। उन्होंने यह जरूर कहा कि अपने भविष्य को हर कोई बेहतर बनाना चाहता है। हालांकि किसी दल से बातचीत होने की बाबत विधायकों ने कोई जानकारी नहीं दी थी। विधायक दल के नेता अख्तरुल इमान से जब बातचीत की गई तो उन्होंने कहा था कि 2020 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद से ही हमारे विधायकों पर डोरे डाले जाते रहे हैं। लेकिन अब तक इसमें दूसरे दलों को सफलता नहीं मिली है। 


अख्तरुल इमान ने कहा था कि उन्हें अपने विधायकों पर भरोसा तो है लेकिन इसके बावजूद अगर कोई गलती करता है तो आगे आने वाले दिनों में बिहार की सेक्युलर जनता उसे माफ नहीं करेगी। फर्स्ट बिहार से बातचीत में अख्तरुल इमान ने कहा था कि कोई भी सेक्युलर पार्टी AIMIM को नहीं तोड़ेगी। हमारे विधायकों को तोड़ने का मतलब यह हुआ कि आप सांप्रदायिक ताकतों को मजबूत करना चाहते हैं। अगर राष्ट्रीय जनता दल ओवैसी के 4 विधायकों को अपने साथ लाने में कामयाब हो जाता है तो एक बार फिर बिहार विधानसभा में वह सबसे बड़े दल के तौर पर मान्यता हासिल कर लेगा। फिलहाल बीजेपी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है।

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