प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले के उद्भेदन को लेकर वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू कर दिया है। थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनवी ने बताया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही इसका खुलासा कर लिया जाएगा।
घटना के दूसरे दिन भी मृतक के घर में शोक का माहौल कायम है। मृतक के बड़े पुत्र दीपक ऋषि, पुत्रवधू गुंजा देवी, मझली पुत्री बोकी देवी, दामाद अंकज ऋषि सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है और मौत के कारणों को लेकर संशय बना हुआ है।
बताया जाता है कि रंजय ऋषि सोमवार की शाम करीब 7 बजे गुजरात से अपने घर लौटे थे। रात करीब साढ़े नौ बजे वे छत पर सोने चले गए, लेकिन देर रात उनकी लाश घर से लगभग 200 मीटर पश्चिम बांसपेरी स्थित एक सूखे बेल के पेड़ से गले में फंदा लगाकर लटकती हुई मिली।
मृतक का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद मंगलवार को ही गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिसमें मुखाग्नि उनके भतीजे शिवम कुमार ने दी।
स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार, मृतक के दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं, सभी शादीशुदा हैं। वे पिछले कई वर्षों से गुजरात में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। बताया गया कि मृतक की पत्नी वर्तमान में अपनी दो पुत्रियों के साथ पंजाब में मजदूरी करती हैं, जबकि अन्य परिजन मुंबई में कार्यरत हैं।
पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और परिजनों के आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।