केनगर, पूर्णिया। केनगर प्रखंड क्षेत्र के वार्ड संख्या-8 स्थित हेम कॉलोनी मुशहरी में 28 जून रविवार सुबह एक बुजुर्ग दंपती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर रस्सी के फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान गूलर ऋषि (65 वर्ष) एवं उनकी पत्नी मुनिया देवी (45 वर्ष) के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही केनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रकिया में जुट गई है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है तथा मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
मृतक की पुत्री चम्पा देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बड़े भाई मनोज ऋषि माता-पिता को अपने साथ नहीं रखना चाहते थे और अक्सर उनके साथ मारपीट व दुर्व्यवहार करते थे। उन्होंने बताया कि इसी कारण उनके माता-पिता पिछले करीब एक महीने से रात का खाना उनके घर पर खाते थे और वहीं रहते थे।
चम्पा देवी के अनुसार, शुक्रवार को लगभग 11 बजे दिन में वह अपने माता-पिता को लेने पहुंची थीं। इस दौरान मनोज ऋषि, उनकी पत्नी फूल कुमारी देवी तथा श्रवण ऋषि ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान मनोज ऋषि ने कहा था, "जब इन दोनों को जान से मार देंगे तब तुम लेने आना।" इसके बाद माता-पिता को छोड़कर इसी वार्ड में स्थित दूसरे घर चले गए।उन्होंने बताया कि रविवार सुबह करीब 5 बजे पड़ोसियों से सूचना मिली कि उनके माता-पिता की मौत हो गई है। जब वह मौके पर पहुंचीं तो दोनों का शव घर के अंदर पड़ा हुआ था। उन्होंने सीधे तौर पर अपने भाई मनोज ऋषि पर माता-पिता की हत्या करने का आरोप लगाया है।
परिजनों के अनुसार, गूलर ऋषि और मुनिया देवी पिछले लगभग एक वर्ष से भीख मांगकर अपना जीवन-यापन कर रहे थे। पुत्री का यह भी आरोप है कि मनोज ऋषि गांव के लोगों से कहता था कि उनके माता-पिता को कोई भी भीख न दे।
वहीं मृतक के छोटे पुत्र संजय ऋषि ने बताया कि वह रात में बालू खाली करने के काम से बाहर गए हुए थे। सुबह करीब 5 बजे घर लौटने पर ग्रामीणों से माता-पिता की मौत की जानकारी मिली। इसके बाद जब वह घर पहुंचे तो दोनों का शव पड़ा हुआ था।
थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनबी ने कहा कि सभी का बयान अलग-अलग है मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। एफएसएल की टीम पहुँच रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।