पूर्णिया। पूर्णिया सिटी स्थित सौरा नदी तट पर अवस्थित सैकड़ों वर्ष पुराने श्री श्री 108 भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं माता सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। उड़ीसा के श्रीजगन्नाथ पुरी की तर्ज पर आयोजित इस ऐतिहासिक रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के रथ की रस्सी खींची और जय जगन्नाथ के उद्घोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा।
रथ यात्रा मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर पूर्णिया जंक्शन, कटिहार मोड़, गुलाबबाग, जीरो माइल, हांसदा सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।इधर, भट्ठा ठाकुरबाड़ी मेला ग्राउंड से पूर्णिया इस्कॉन सेंटर की ओर से भी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। यह यात्रा ठाकुरबाड़ी से रजनी चौक, लखन चौक, कालीबाड़ी चौक, लाइन बाजार चौक, पंचमुखी मंदिर, आस्था मंदिर, आरएन साह चौक सहित शहर के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः ठाकुरबाड़ी पहुंचकर संपन्न हुई। दोनों रथ यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे शहर में धार्मिक वातावरण बना रहा।
पूर्णिया की महापौर विभा कुमारी दोनों स्थानों पर आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुईं। उन्होंने श्री श्री 108 भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा नगरवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति की ओर से शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया गया।परंपरा के अनुसार महापौर ने रथ यात्रा के मार्ग में झाड़ू लगाकर सफाई की तथा भगवान के रथ की रस्सी खींचकर अपनी आस्था व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पूर्णिया की गौरवशाली धार्मिक परंपरा का प्रतीक है, जो वर्षों से पुरी धाम की तर्ज पर पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित की जाती रही है।
महापौर ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा पूरी करने के लिए बड़े भाई बलभद्र के साथ रथ पर सवार होकर निकले थे। तभी से आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन रथ यात्रा निकालने की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि परिवार, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला महापर्व है। भगवान के रथ की रस्सी खींचना प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सौभाग्य की बात होती है तथा ऐसी मान्यता है कि इससे पाप और कष्ट दूर होते हैं।रथ यात्रा को लेकर पूर्णिया नगर निगम द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं। यात्रा मार्ग की व्यापक साफ-सफाई कराई गई तथा ब्लीचिंग पाउडर और पानी का छिड़काव किया गया। श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत दिलाने के लिए नगर निगम की वाटर फॉगिंग मशीन से भी पानी का छिड़काव कराया गया।रथ यात्रा के दौरान जंक्शन रोड स्थित पानी टंकी, खुश्कीबाग गजमतिया विवाह भवन के समीप महापौर विभा कुमारी की ओर से श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सेवा शिविर लगाया गया। यहां ठंडा पानी, शरबत, जूस सहित अन्य पेय पदार्थों का वितरण किया गया। महापौर स्वयं सेवा शिविर में उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं की सेवा करती रहीं।
इस अवसर पर वार्ड पार्षद राकेश राय, स्वपन घोष, अर्जुन सिंह, गुलाब हुसैन, राखी कुशवाहा, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ललनेश सिंह, बहादुर यादव, मनोज साह, कुणाल किशोर, शंकर यादव, आशीष पोद्दार, मुरारी झा, काशी चौधरी, फूलो चौधरी, सुंदर झा, दिलीप यादव, अधीर दा, मोली दा, कमोद जी, रमण मास्टर, बिनोद ठाकुर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
रथ यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मंदिर प्रांगण में खिचड़ी एवं खीर महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अंत में महापौर विभा कुमारी ने भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा से प्रदेश एवं नगरवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी को रथ यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।