केनगर प्रखंड क्षेत्र के बिठनोली पश्चिम पंचायत के मग़रिबी टोल में दसवीं मुहर्रम को यौमे आशूरा की नमाज मरहूम पीरे तरीकत हजरत अल्लामा मौलाना मुफ़्ती अब्दुल जलील अशरफी साहेब के पोते जनाब कारी अब्दुल वकील रिजवी साहेब के शहजादे हाफ़िज नोमान रजा की इमामत के साथ अदा की गई। इस नमाज में प्रखंड क्षेत्र के बनभाग, आदमपुर, मोगलटोली, काझा, गनेशपुर, मोहम्मदपुर, धनहरा, अलीनगर के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने शिरकत किया। वही हाफ़िज नोमान रजा ने मुहर्रम क्यो मनाते है पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा
"सजदे से कर्बला को बंदगी मिल गई,
सब्र से उम्मत को ज़िंदगी मिल गई,
एक चमन फातिमा का गुज़रा,
मगर सारे इस्लाम को ज़िंदगी मिल गई।
क्या जलवा कर्बला में दिखाया हुसैन ने,
सजदे में जाकर सिर कटाया हुसैन ने,
नेजे पे सिर था और ज़ुबान पे आयतें,
कुरान इस तरह सुनाया हुसैन ने"
दसवीं मुहर्रम गम व मातम के साथ मनाने एवं बुराई से अच्छाई की ओर जाकर अपने अमल को मजबूत करने की हिदायत को दोहराया। वही इस नमाज में मौलाना अब्दुल गफ्फार नईमी, मौलाना अकबर अली नईमी, हाफ़िज हासिम साहेब, हाफ़िज इजहार अशरफ, मौलाना अब्दुल कलाम, रजा अली, मो० तौकीर, हाजी आलमगीर, मो० शाहजहां, शाहिद अख्तर, मो० शमसेर, मो० जाहिर के साथ सैकड़ो नमाजी नमाज अदा किया।