दौरे के दौरान टीम ने शहर की साफ-सफाई, हरित वातावरण और बेहतर शहरी प्रबंधन की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि पूर्णिया तेजी से एक स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने इसे अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
बैठक के दौरान शहर के सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना को और सुदृढ़ बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से जल निकासी (ड्रेनेज) और आधुनिक सीवरेज सिस्टम विकसित करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया। टीम ने इस दिशा में तकनीकी सहयोग के साथ ठोस पहल करने का सुझाव भी दिया।इसके अलावा खुश्कीबाग, मधुबनी और भट्ठा बाजार जैसे प्रमुख इलाकों में बहुमंजिला मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण पर भी विचार-विमर्श हुआ। शहरी गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्लम क्षेत्रों में बहुमंजिला आवासीय भवन निर्माण कर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की योजना पर भी चर्चा की गई।
कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए नगर क्षेत्र से लगभग 10 किलोमीटर दूर आधुनिक डंपिंग यार्ड स्थापित करने हेतु भूमि क्रय का प्रस्ताव सामने आया। वहीं, के किनारे रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्लान पर भी विस्तार से विचार किया गया, जिससे शहर को नया आकर्षक स्वरूप मिल सके।विश्व बैंक टीम में रोसाना निट्टी (सीनियर अर्बन स्पेशलिस्ट), वसुंधा थवाकर (सीनियर अर्बन स्पेशलिस्ट), पूनम आहूवालिया (सीनियर म्युनिसिपल इंजीनियर), योज़ी तोरिउमी (अर्बन डिज़ाइनर एवं स्पेशल प्लानर) तथा प्रकाश गौर (प्राइवेट सेक्टर पार्टिसिपेशन स्पेशलिस्ट) शामिल रहे। इस दौरान सशक्त स्थायी समिति के पदेन सदस्य प्रदीप जायसवाल, स्वपन घोष, मुर्शीदा खातून, ममता सिंह, आशा महतो, कमली देवी, कुमारी खुशबू सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विश्व बैंक टीम की सकारात्मक प्रतिक्रिया और रचनात्मक सुझावों से यह स्पष्ट है कि पूर्णिया नगर निगम शहर को आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। यह दौरा आने वाले समय में शहर के विकास को नई गति देने वाला साबित हो सकता है।