महागठबंधन ने महिलाओं के साथ किया विश्वासघात : राजेन्द्र यादव

पूर्णिया: राष्ट्रीय लोक मोर्चा की जिला इकाई द्वारा जिला संयोजक राजेन्द्र यादव के नेतृत्व में बुधवार को जिला मुख्यालय में धिक्कार मार्च निकाला गया। यह मार्च 17 अप्रैल को लोकसभा में महागठबंधन दलों द्वारा परिसीमन सुधार और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक के विरोध में मतदान के खिलाफ आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान राजेन्द्र यादव ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा के नेतृत्व में पिछले वर्ष पूरे बिहार में परिसीमन सुधार और संवैधानिक अधिकारों को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया था। इसके तहत विक्रमगंज, मुजफ्फरपुर, गया और पटना में चार बड़ी महारैलियों का आयोजन हुआ था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर जनप्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था। एनडीए के सभी दलों ने इसका समर्थन किया, लेकिन महागठबंधन ने विरोध में मतदान कर इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने इसे देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात बताया।

यह प्रतिरोध मार्च इंदिरा गांधी स्टेडियम से शुरू होकर गिरजा चौक, जेल चौक होते हुए आरएन साह चौक पर समाप्त हुआ। राजेन्द्र यादव ने कहा कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता तो बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो जाती, जिनमें 20 सीटें महिलाओं के लिए होतीं। इसी तरह विधानसभा में भी विधायकों की संख्या 243 से बढ़कर 365 हो जाती, जिनमें 120 महिलाएं शामिल होतीं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के इसी रवैये के विरोध में यह मार्च निकाला गया। कार्यक्रम में युगेश्वर सिंह, मंटू मेहता, सुभाष सिंह, नीरज मेहता, अनिल मेहता, मंटू पासवान, प्रकाश राम, मंटू यादव और खुशबू देवी समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।


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