पूर्णिया, जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) एवं स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर शनिवार को पूर्णिया जिले के चारों अनुमंडलों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान दंडाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने निजी नर्सिंग होम, दवा दुकानों, जांच लैब, अल्ट्रासाउंड केंद्रों सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।
अभियान का उद्देश्य
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों के आसपास संचालित निजी संस्थानों द्वारा मरीजों को गुमराह कर अपने यहां इलाज के लिए प्रेरित करने जैसी शिकायतों की जांच करना था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा आम जनता को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एक किलोमीटर दायरे में सघन जांच
जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी अनुमंडल पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों के एक किलोमीटर के दायरे में स्थित निजी स्वास्थ्य संस्थानों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कागजातों की जांच के साथ-साथ संस्थानों की गतिविधियों का भी सूक्ष्म परीक्षण किया गया। जहां भी अनियमितताएं पाई गईं, वहां कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बनमनखी में बड़ी कार्रवाई
अनुमंडल पदाधिकारी बनमनखी के नेतृत्व में जांच के दौरान महर्षि मेंही सेवा सदन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। संस्थान बाहर से बंद था, लेकिन अंदर मरीज मिलने पर ताला खुलवाया गया।
अंदर 6 मरीज मिले, जिनमें एक महिला प्रसव की स्थिति में थी
महिला को तत्काल एसडीएच बनमनखी भेजकर सुरक्षित प्रसव कराया गया
संस्थान में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था
आवश्यक दस्तावेज और बुनियादी सुविधाओं का अभाव पाया गया
प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है।
कसबा में जांच: अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर सवाल
पूर्णिया अनुमंडल के कसबा क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास कई संस्थानों की जांच की गई।
युनीक अल्ट्रासाउंड: पंजीकरण समाप्त होने के बावजूद अवैध संचालन
मां अल्ट्रासाउंड सेंटर: कई जरूरी दस्तावेज अनुपलब्ध
बिहार जांच केंद्र और लाइफ केयर पैथोलॉजी: नियमों के अनुरूप पाए गए
इसके अलावा सीएचसी कसबा में 1 बजे तक 238 मरीजों का इलाज किया गया और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता पाई गई।
धमदाहा में कई संस्थान बंद, कागजात नहीं
धमदाहा अनुमंडल के भवानीपुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कई अल्ट्रासाउंड एवं पैथोलॉजी सेंटर बंद पाए गए।
संचालित संस्थानों द्वारा भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। प्रशासन ने सभी को जल्द कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, अन्यथा सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बायसी (अमौर) में क्लिनिक सील
बायसी अनुमंडल के अमौर प्रखंड में निरीक्षण के दौरान:
2 संस्थान (जीवन अस्पताल, मां अस्पताल): नियमों के अनुरूप
3 संस्थान सील: रफीकी क्लिनिक और अपोलो पैथ लैब सहित
1 क्लिनिक बंद: रूबी क्लिनिक
1 संस्थान बिना दस्तावेज: सारह क्लिनिक
अवैध अल्ट्रासाउंड संचालन की आशंका पर भी कार्रवाई की गई।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों या मरीजों को गुमराह करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। यदि किसी सरकारी कर्मी की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रलोभन में न आएं और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध मुफ्त सेवाओं का लाभ उठाएं। किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जनहित सुनिश्चित किया जा सके।
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