बिहार में 11 शहरों के आसपास बनेगी सैटेलाइट टाउनशिप, किसानों को मिलेगा विकसित प्लॉट में हिस्सा


पटना। बिहार सरकार राज्य के 11 प्रमुख शहरों के आसपास आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की तैयारी में है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भू-स्वामियों को उनकी जमीन के बदले विकसित प्लॉट का करीब 55 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा, जिससे वे सीधे इस परियोजना के भागीदार बन सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य शहरों में बढ़ती भीड़ को कम करना, सुनियोजित शहरी विस्तार को बढ़ावा देना और लोगों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त जीवनशैली उपलब्ध कराना है। इसके लिए पारंपरिक भूमि अधिग्रहण की जगह एग्रीमेंट आधारित मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें जमीन को विकसित कर प्लॉटिंग की जाएगी और उसका बड़ा हिस्सा भूमि मालिकों को लौटाया जाएगा।

परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में 31 मार्च 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। वहीं भागलपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा और सीतामढ़ी में यह प्रतिबंध 30 जून 2027 तक लागू रहेगा।

प्रस्तावित टाउनशिप में आवासीय सुविधाओं के साथ स्कूल, क्लब, स्विमिंग पूल, जिम और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज, सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर सड़क व परिवहन कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित की जाएगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था में जमीन अधिग्रहण पर बाजार मूल्य का चार गुना तक मुआवजा मिलता है, जबकि इस मॉडल में जमीन की कीमत 10 गुना तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कुछ क्षेत्रों, विशेषकर पुनपुन इलाके में, जमीन के दाम 20 गुना तक बढ़ने का अनुमान है।

नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि इस योजना में किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा और किसी को भी भूमि से वंचित नहीं किया जाएगा। भूमि मालिक विकसित प्लॉट का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कर सकेंगे या उसे बेचकर लाभ भी कमा सकेंगे।

यह योजना बिहार में संतुलित, आधुनिक और समावेशी शहरी विकास की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है।

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