केनगर (पूर्णिया)। केनगर थाना क्षेत्र के बिठनोली पूरब पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-07, सबुतर दरमियानी टोला में 17 दिनों से लापता एक व्यक्ति का कंकाल उसके ही मकई खेत से मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान स्वर्गीय हाजी मजीद के 55 वर्षीय पुत्र मो० हसनुल हक के रूप में की गई है।
परिजनों के अनुसार, मो० हसनुल हक पिछले चार वर्षों से लकवा (पैरालिसिस) से पीड़ित थे, जिसके बाद उनकी मानसिक स्थिति भी अस्थिर रहने लगी थी। बीते 17 अप्रैल की दोपहर वे अचानक घर से लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। इस संबंध में 18 अप्रैल को केनगर थाना में गुमशुदगी की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी।
रविवार (3 मई) को पूरब बहियार स्थित मकई खेत का मुआयना करने गए किसान मो० सुरेश की नजर खेत में पड़े मानव कंकाल पर पड़ी। सूचना मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे और कंकाल के पास मिले कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान मो० हसनुल हक के रूप में की।
घटना की सूचना मिलते ही केनगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल की। परिजनों ने कंकाल को समेटकर घर ले गए तथा प्रशासन को लिखित आवेदन देकर किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया है।
थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनबी ने बताया कि लापता व्यक्ति को लेकर पहले आवेदन प्राप्त हुआ था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। आज खेत में कंकाल मिलने की सूचना पर पुलिस ने आवश्यक पूछताछ और जांच की है।
वहीं मृतक के भाई मो० शमसेर उर्फ आलम ने आशंका जताई कि 17 अप्रैल को मो० हसनुल हक अपने खेत की ओर चले गए होंगे। बीमारी के कारण वे शारीरिक और मानसिक रूप से काफी कमजोर थे। तेज धूप में खेत पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई होगी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। मृतक अपने पीछे दो पुत्र और चार पुत्रियां छोड़ गए हैं, जिनमें एक पुत्री की शादी हो चुकी है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
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