केनगर (पूर्णिया)। केनगर प्रखंड क्षेत्र के काझा पंचायत अंतर्गत काझा कोठी स्थित हजरत ख़्वाजा शहीद सिराजुद्दीन औलिया के वार्षिक उर्स के अवसर पर शुक्रवार को परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार पहली चादर चढ़ाने की रस्म अदा की गई। वर्षों पुरानी परंपरा के तहत काझा पंचायत निवासी तिरपुरारी शर्मा द्वारा मजार शरीफ पर पहली चादर पेश की गई।
उर्स कमेटी की मौजूदगी में सुबह करीब 9 बजे दुआ, फातिहा और सम्मान समारोह के साथ चादरपोशी की रस्म पूरी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जायरीन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मजार पर हाजिरी लगाकर अमन, चैन, भाईचारे और क्षेत्र की खुशहाली के लिए दुआ मांगी।जानकारी के अनुसार, ख़्वाजा शहीद सिराजुद्दीन औलिया का यह वार्षिक उर्स वर्ष 1962 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। पिछले छह दशकों से अधिक समय से चली आ रही इस परंपरा में पहली चादर चढ़ाने का सम्मान तिरपुरारी शर्मा के परिवार को प्राप्त है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ निभाया जा रहा है।उर्स के अवसर पर दरगाह परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां दूर-दराज से पहुंचे जायरीन ने मजार पर चादर और अकीदत के फूल पेश किए। उर्स कमेटी के सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन आपसी सौहार्द, गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जिसमें सभी धर्मों एवं समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।उर्स के दौरान क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं। आयोजकों ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए उर्स की परंपरा को आगे भी इसी तरह जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
Tags
न्यूज़