काझा में पांच दिवसीय भारत स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर का समापन, बच्चों ने सीखे अनुशासन और सेवा के गुर


केनगर (पूर्णिया)। केनगर प्रखंड अंतर्गत काझा पंचायत स्थित आदर्श मध्य विद्यालय काझा में आयोजित पांच दिवसीय भारत स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को समारोहपूर्वक समापन किया गया। समापन समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं ने अनुशासन, सेवा भावना, टीम भावना एवं नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं, शिविर में पहुंचे अतिथियों का प्रतिभागियों द्वारा पारंपरिक तरीके से स्वागत एवं सम्मान किया गया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में काझा पंचायत के मुखिया सह मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार साह सहित विभिन्न घटक दलों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन कर अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।

शिविर में प्रशिक्षण दे रहे प्रशिक्षक दिवाकर कुमार, लवकुश कुमार, मझली कुमारी, मास्टर ट्रेनर रजनीश कुमार एवं गाइड ट्रेनर नूतन कुमारी ने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों के बौद्धिक, चारित्रिक एवं व्यावहारिक विकास को बढ़ावा देना था। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देने के साथ-साथ उनका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्वच्छता का महत्व, एकल उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभाव, स्काउट नियम एवं प्रतिज्ञा, मार्किंग, पिरामिड निर्माण, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), अनुशासन, सामाजिक सेवा तथा आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बच्चों को विषम परिस्थितियों में संयम बनाए रखने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि मुखिया राजेश कुमार साह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत स्काउट एवं गाइड केवल एक साधारण संगठन नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं को जीवन जीने की सही कला सिखाने वाला एक सशक्त आंदोलन है। इसके माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मनिर्भरता, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है और वे भविष्य में समाज एवं देश के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार होते हैं।

वहीं, विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रशांत कुमार ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिविर के दौरान प्राप्त सीख को वे अपने दैनिक जीवन में भी अपनाएं और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाएं।

समापन समारोह के अंत में प्रशिक्षकों एवं अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों के उत्साह और अनुशासन की सराहना की। पांच दिवसीय शिविर में मिली सीख के साथ प्रशिक्षणार्थियों ने सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के संकल्प के साथ शिविर का समापन किया।

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