केनगर प्रखंड के सभी पंचायत सचिव अपनी पांच सूत्री मांगों के समर्थन में 8 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस संबंध में जगनी पंचायत के पंचायत सचिव विकास कुमार ने जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व भी पंचायत सचिवों ने हड़ताल की थी, उस समय विभाग द्वारा उनकी मांगों को मान लिया गया था, लेकिन अब तक उन पर अमल नहीं किया गया। इससे नाराज होकर पंचायत सचिवों को पुनः हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है।
पंचायत सचिवों की प्रमुख मांगों में जिला स्थानांतरण की प्रक्रिया को लागू करना शामिल है। उनका कहना है कि केवल जरूरतमंद श्रेणी (जैसे दिव्यांग पति-पत्नी) के आधार पर मात्र 243 पंचायत सचिवों की ही पोस्टिंग की गई है, जबकि वर्ष 2025 में आवेदन लेने के बावजूद अन्य सचिवों की पोस्टिंग नहीं की गई।
इसके अलावा, पंचायत सचिवों ने प्रमोशन में आयु सीमा समाप्त करने, सभी को 4200 ग्रेड पे देने और कार्यभार के अनुसार सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि एक-एक पंचायत सचिव को तीन से चार पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है, साथ ही प्रखंड और जिला स्तर की बैठकों में भी बुलाया जाता है, लेकिन परिवहन भत्ता नहीं दिया जाता। उन्होंने परिवहन भत्ता लागू करने की भी मांग की है।
हड़ताली पंचायत सचिवों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
वहीं, दूसरी ओर पहले से ही राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण पंचायत सचिवों को उनका अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। अब पंचायत सचिवों के भी हड़ताल पर चले जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
इस हड़ताल के चलते जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, वंशावली, पेंशन से संबंधित कार्यों के साथ-साथ जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। इससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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