पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे के लिए खेसरा पंजी तैयार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज

पूर्णिया। पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे (एनई-9) परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। परियोजना के तहत खेसरा पंजी तैयार कर ली गई है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

जानकारी के अनुसार, पूर्णिया जिले के पांच अंचलों—केनगर, पूर्णिया पूर्व, धमदाहा, कसबा और बड़हरा कोठी—के कुल 37 मौजा में लगभग 1343 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। वर्तमान में ज्वाइंट मेजरमेंट सर्वे (JMS) का कार्य जारी है, जबकि थ्री-ए की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रारंभिक अधिसूचना का प्रकाशन भी हो चुका है।

भूमि मूल्य निर्धारण के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति द्वारा रेट तय किया जा चुका है। एमवीआर (मार्केट वैल्यू रेट) प्राप्त होने के बाद भूमि मुआवजा राशि को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके पश्चात भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।

यह एक्सप्रेसवे एक 6-लेन ग्रीनफील्ड परियोजना है, जिसके वर्ष 2028 तक पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है। इसके निर्माण के बाद पटना से पूर्णिया की दूरी महज लगभग 3 घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे पूर्णिया जिले में बीकोठी, धमदाहा, केनगर और कसबा होते हुए पूर्णिया पूर्व प्रखंड तक पहुंचेगा। इस परियोजना से बिहार की कनेक्टिविटी पश्चिम बंगाल और नेपाल से भी बेहतर होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे कोसी और सीमांचल क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की योजना भी बनाई जा रही है।

इसके अतिरिक्त, पूर्णिया एयरपोर्ट को भी इस एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है, जिससे हवाई और सड़क परिवहन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।

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