55 दिनों बाद खत्म हुई राजस्व अधिकारियों की हड़ताल, काम पर लौटे सीओ; केनगर में फिर शुरू हुआ कामकाज


केनगर/बिहार: लगभग दो महीनों तक ठप रही राजस्व व्यवस्था आखिरकार पटरी पर लौटने लगी है। अंचलाधिकारियों (CO) और राजस्व पदाधिकारियों (RO) की 55 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई है। राज्य सरकार और बिहार संयुक्त राजस्व सेवा महासंघ के बीच सकारात्मक वार्ता के बाद अधिकारियों ने सामूहिक अवकाश खत्म कर कार्य पर लौटने का निर्णय लिया।

महासंघ द्वारा गुरुवार को हड़ताल समाप्ति की औपचारिक घोषणा के बाद सोमवार को प्रखंड में अंचल अधिकारी ने अपना पदभार संभाल लिया। उन्होंने निवर्तमान आरओ सह प्रभारी सीओ से कार्यभार ग्रहण किया।

बताया जाता है कि 17 सूत्री मांगों को लेकर राज्यभर के राजस्व अधिकारी 9 मार्च से सामूहिक अवकाश पर थे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई वार्ता में सहमति बनने के बाद गतिरोध समाप्त हुआ।

हड़ताल के चलते पिछले 55 दिनों से जमीन से जुड़े अहम कार्य—म्यूटेशन, निबंधन, प्रमाणपत्र निर्गमन सहित अन्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित थीं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सरकार और अधिकारियों के बीच टकराव भी देखने को मिला। तत्कालीन विभागीय मंत्री सह उपमुख्यमंत्री ने हड़ताली अधिकारियों को वेतन कटौती और निलंबन की चेतावनी दी थी, जबकि कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई थी।

सोमवार को केनगर अंचल कार्यालय में एक बार फिर चहल-पहल लौट आई। पदभार ग्रहण करने के बाद सीओ दिवाकर कुमार ने कहा कि सरकार के आश्वासन के बाद वे काम पर लौटे हैं और अब लंबित मामलों का तेजी से निपटारा किया जाएगा।

राजस्व अधिकारियों की वापसी से अब पूरे राज्य में जमीन से जुड़े रुके हुए कार्यों के जल्द सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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