केनगर। केनगर अंचल कार्यालय द्वारा फर्जी केवाला के आधार पर कराए गए नामांतरण और जमाबंदी मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद केनगर अंचल के राजस्व अधिकारी भवेश कुमार सिंह ने आरोपी के विरुद्ध केनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केनगर थाना क्षेत्र के झुन्नी इस्तंबरार पंचायत अंतर्गत देवीनगर गांव निवासी अब्दुल रज्जाक के पुत्र मो. मुस्तफा ने 21 फरवरी 2020 तिथि अंकित केवाला संख्या- 2124 के आधार पर खाता संख्या- 93, खेसरा संख्या- 186, रकवा लगभग एक एकड़ 10 डिसमील भूमि के नामांतरण के लिए 28 अप्रैल 2025 को आवेदन दिया था। इस आवेदन पर नामांतरण वाद संख्या 559/2025-26 दर्ज किया गया था।
बताया गया कि संबंधित हल्का राजस्व कर्मचारी द्वारा नामांतरण की अनुशंसा की गई थी तथा प्रभारी सीओ सह राजस्व अधिकारी की स्वीकृति के बाद नामांतरण कर जमाबंदी कायम कर दी गई थी।
इसी दौरान केवाला की सत्यता पर संदेह होने पर राजस्व अधिकारी भवेश कुमार सिंह ने मामले की जांच शुरू कराई। केनगर अंचल कार्यालय द्वारा पत्रांक 755 दिनांक 22 अप्रैल 2026 के माध्यम से अवर निबंधन कार्यालय पूर्णिया से केवाला का सत्यापन कराया गया।
जांच के दौरान अवर निबंधन कार्यालय पूर्णिया ने 02 मई 2026 को पत्रांक- 948 जारी कर स्पष्ट किया कि केवाला संख्या- 2124 की वास्तविक निष्पादन तिथि 12 फरवरी 2020 है तथा यह दस्तावेज पूर्णिया पूर्व अंचल के मौजा महराजगंज एवं थाना संख्या- 238 की जमीन से संबंधित है। इससे स्पष्ट हो गया कि केनगर अंचल में प्रस्तुत दस्तावेज में छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से नामांतरण कराया गया था।
इसके बाद 08 मई 2026 को राजस्व अधिकारी ने मो. मुस्तफा के विरुद्ध साजिश रचकर दस्तावेज में हेरफेर, धोखाधड़ी और अवैध तरीके से नामांतरण कराने के आरोप में केनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला केनगर थाना कांड संख्या 146/2026 के तहत बीएनएस की धारा 316(2), 318(4), 338, 336(3) एवं 340(2) के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनवी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच एवं आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।