केनगर (पूर्णिया), 1 जून। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने सोमवार को केनगर अंचल कार्यालय परिसर स्थित अभिलेखागार कार्यालय से राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोपहर करीब 2 बजे हुई इस कार्रवाई से अंचल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, श्रीनगर निवासी उमेश कुमार महतो ने अपनी पत्नी पुष्पा देवी के नाम पर बाघमारा मौजा में चार डिसमिल जमीन खरीदी थी। उक्त जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
पीड़ित उमेश कुमार महतो ने बताया कि शुरुआत में राजस्व कर्मचारी ने 25 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में बातचीत के दौरान यह राशि 15 हजार रुपये पर तय हुई। रिश्वत की मांग से परेशान होकर उन्होंने पटना स्थित निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर विभाग ने एक विशेष टीम गठित कर सोमवार को केनगर अंचल कार्यालय परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही उमेश कुमार महतो ने आरोपी कर्मचारी को 10 हजार रुपये दिए, निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी विभाग के वरिष्ठ डीएसपी राजेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित द्वारा करीब 15 दिन पूर्व लिखित शिकायत दी गई थी। जांच और सत्यापन के बाद शिकायत सही पाई गई, जिसके आधार पर ट्रैप की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि आरोपी राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना ले जाया जा रहा है।
गौरतलब है कि केनगर अंचल में रिश्वतखोरी का यह पहला मामला नहीं है। लगभग तीन वर्ष पूर्व भी निगरानी विभाग ने परोरा क्षेत्र से तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अवधेश गुप्ता को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फोटो कैप्शन: निगरानी विभाग की टीम द्वारा केनगर अंचल कार्यालय परिसर से गिरफ्तार किए गए राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार को हिरासत में ले जाते अधिकारी।
रिपोर्ट : खबर हर पल, केनगर (पूर्णिया)