केनगर सीडीपीओ पर जातिसूचक टिप्पणी और गाली-गलौच का आरोप, आंगनवाड़ी सेविका ने बीडीओ को दिया आवेदन



केनगर, पूर्णिया। केनगर प्रखंड में बाल विकास परियोजना कार्यालय से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। आंगनवाड़ी सेविका और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) के बीच कथित विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस संबंध में आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-36, मंजरा पंचायत, थाना मरंगा की सेविका पुष्पा देवी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को आवेदन देकर सीडीपीओ अमृता वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

आवेदन में पुष्पा देवी ने कहा है कि 15 जून 2026 को लगभग दोपहर 1:10 बजे वह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के कार्यालय में मिलने गई थीं। उनके अनुसार उन्होंने सीडीपीओ से विनम्रतापूर्वक यह पूछा कि जब वह स्वयं केंद्र संचालन के लिए पूरी तरह सक्षम हैं, तो उनके केंद्र का प्रभार किसी अन्य सेविका को क्यों सौंपा गया है।

पुष्पा देवी का आरोप है कि उनके इस सवाल पर सीडीपीओ अमृता वर्मा नाराज हो गईं और कथित रूप से उनके साथ गाली-गलौच करते हुए जातिसूचक एवं अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि सीडीपीओ ने कथित तौर पर कहा, “जाओ दुसाध, मेरे ऑफिस से निकल जाओ। जहां जाना है जाओ, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। लगता है तुमको मेरा बैकग्राउंड नहीं पता है।”

आवेदन के अनुसार घटना के समय कार्यालय में सुपरवाइजर संगीता जायसवाल एवं अनवार आलम भी मौजूद थे। सेविका ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, इस संबंध में जब बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अमृता वर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।

अब यह मामला प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। संबंधित आवेदन मिलने के बाद प्रखंड प्रशासन द्वारा मामले की जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

(नोट: यह समाचार आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के उपरांत ही तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।)

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने