सिपाही भर्ती परीक्षा में कदाचार का प्रयास विफल, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ परीक्षार्थी समेत दो गिरफ्तार



केनगर, पूर्णिया। केनगर थाना क्षेत्र के बेला-रिकाबगंज पंचायत अंतर्गत बाघमारा गांव स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परीक्षा केंद्र पर केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) बिहार की परीक्षा के दौरान कदाचार कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। परीक्षा में अवैध इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थी को पास कराने की साजिश का खुलासा होने पर एक सहयोगी युवक और एक परीक्षार्थी को गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना 14 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। इस संबंध में सरस्वती विद्या मंदिर के प्राचार्य मनोज कुमार सिंह ने केनगर थाना में लिखित आवेदन देकर मामला दर्ज कराया है।

प्राचार्य द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार परीक्षा केंद्र के पीछे एक संदिग्ध युवक को जांच के दौरान पकड़ा गया। जांच प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी सह डगरूआ प्रखंड कृषि पदाधिकारी अंजुम परवेज, बैसा प्रखंड की महिला पर्यवेक्षिका विजेता रानी तथा केनगर थाना के पुलिस पदाधिकारी ब्रजकिशोर कुमार की उपस्थिति में की गई। तलाशी के दौरान युवक के पास से वॉकी-टॉकी का चार्जर, केंद्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती परीक्षा का प्रवेश पत्र तथा इंफिनिक्स कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया गया।

पूछताछ में युवक ने अपना नाम अयूब अंसारी (20 वर्ष), पिता रहमान अंसारी, निवासी कंडवा, पोस्ट गोटपा, थाना अगरेड़, जिला रोहतास बताया। उसने स्वीकार किया कि वह परीक्षार्थी मोहम्मद नजीर अंसारी को परीक्षा में पास कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचा था।

इसके बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र के एक कमरे से परीक्षार्थी मोहम्मद नजीर अंसारी, पिता मोहम्मद हकीक अंसारी, निवासी श्रीखिंडा, थाना नोखा, जिला रोहतास को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से सिपाही भर्ती परीक्षा का प्रवेश पत्र, आधार कार्ड तथा शर्ट की जेब से एक छोटा ब्लूटूथ डिवाइस और उससे जुड़ा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किया गया।

मामले की सूचना मिलने पर दोनों आरोपितों को केनगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

इस संबंध में थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनवी ने बताया कि दोनों आरोपितों के विरुद्ध केनगर थाना कांड संख्या 181/2026 दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी परीक्षाओं में कदाचार करने या कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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