केनगर (पूर्णिया)। केनगर स्थित उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) कार्यालय में गुरुवार को स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) पटना की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के कनीय विद्युत अभियंता (जेईई) भरत मलिक एवं दो टेक्निकल सहायकों को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
स्पेशल विजिलेंस यूनिट के इंस्पेक्टर अविनाश कुमार ने बताया कि मजरा पंचायत के बखरीकोल गांव निवासी राजेश कुमार साह ने घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन स्वीकृत करने के एवज में जेईई भरत मलिक ने कुल 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इसमें से 5 हजार रुपये आवेदन के समय ही ले लिए गए थे, जबकि शेष 10 हजार रुपये बाद में देने को कहा गया था।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर राजेश कुमार साह ने स्पेशल विजिलेंस यूनिट, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कांड संख्या-22/2026 दर्ज कर मामले की जांच एवं सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने के बाद एसवीयू ने धावा दल (ट्रैप टीम) का गठन किया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत गुरुवार को एसवीयू की टीम शिकायतकर्ता राजेश कुमार साह के साथ केनगर स्थित एनबीपीडीसीएल कार्यालय पहुंची।
जैसे ही जेईई भरत मलिक ने अपने कार्यालय कक्ष में दो टेक्निकल सहायकों के सहयोग से शेष 10 हजार रुपये रिश्वत के रूप में स्वीकार किए, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने तत्काल छापेमारी कर तीनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए एसवीयू की टीम तीनों आरोपितों को अपने साथ पटना ले गई, जहां उनसे पूछताछ के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि केनगर क्षेत्र में हाल के दिनों में विजिलेंस की यह तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से क्षेत्र के लोगों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विश्वास बढ़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है।
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