केनगर में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 186 पर अनियमितता के आरोप, बीडीओ-सीडीपीओ ने किया औचक निरीक्षण

केनगर (पूर्णिया)। केनगर प्रखंड क्षेत्र के गोकुलपुर पंचायत अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-186 की सेविका अंसारी खातून के विरुद्ध सरकारी योजनाओं के संचालन में अनियमितता, लाभुकों को योजनाओं का समुचित लाभ नहीं देने तथा ग्रामीणों को धमकी देने जैसी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों द्वारा सदर अनुमंडल पदाधिकारी को दिए गए आवेदन के आलोक में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनीष कुमार एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) अमृता वर्मा ने संयुक्त रूप से केंद्र का औचक निरीक्षण किया।

ग्रामीणों एवं स्थानीय वार्ड सदस्यों की सामूहिक शिकायत के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र का नियमित संचालन नहीं किया जाता है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को मिलने वाला पोषाहार तथा अन्य सरकारी सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। पोषाहार एवं अन्य सामग्रियों के वितरण में भी भारी अनियमितता बरती जा रही है, जिससे पात्र लाभुक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि केंद्र का संचालन निर्धारित स्थल प्राथमिक विद्यालय हाट धनहरा के बजाय सेविका अपने निजी दरवाजे पर करती हैं, जहां मनमाने ढंग से कार्य किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी कोई व्यक्ति अनियमितताओं की शिकायत करता है तो उसे झूठे मुकदमों में फंसाने तथा जान-माल की क्षति पहुंचाने की धमकी दी जाती है। आरोप है कि मोहम्मद इजहार नामक व्यक्ति के माध्यम से ग्रामीणों में भय का माहौल बनाया जाता है।

ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि सेविका अंसारी खातून के विरुद्ध चंपानगर थाना में कांड संख्या 68/2024, 90/2025, 61/2026 एवं 66/2026 सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

शिकायत के बाद बीडीओ मनीष कुमार एवं सीडीपीओ अमृता वर्मा ने केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर कुल 31 बच्चे उपस्थित पाए गए। जांच के क्रम में अधिकारियों ने ग्रामीणों एवं लाभुकों से भी जानकारी ली और केंद्र के संचालन संबंधी शिकायतों की पड़ताल की।

संयुक्त जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि केंद्र को निजी दरवाजे पर संचालित किए जाने को लेकर विवाद की स्थिति सामने आई है। इस संबंध में आंगनबाड़ी सेविका को तत्काल प्रभाव से केंद्र को निर्धारित स्थल प्राथमिक विद्यालय हाट धनहरा में स्थानांतरित कर संचालित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

औचक निरीक्षण के दौरान फील्ड सुपरवाइजर संगीता जायसवाल, वार्ड सदस्य रजिया खातून, बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं लाभुक उपस्थित रहे। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है।

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