62 वर्षीय बुजुर्ग के लापता होने के मामले में नया मोड़, 20 हजार रुपये लेकर भी नहीं लौटाया पिता; भिखारी गैंग पर गंभीर आरोप

केनगर (पूर्णिया): केनगर प्रखंड क्षेत्र के गनेशपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-3 बैरगाछी गांव से गत 2 जुलाई को लापता हुए 62 वर्षीय मो० अलाउद्दीन के मामले में नया मोड़ सामने आया है। लापता बुजुर्ग के पुत्र मो० नाजिम ने केनगर थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है तथा आशंका जताई है कि उनके बीमार पिता को किसी भिखारी गिरोह ने अपने कब्जे में लेकर उनसे भीख मंगवाने का काम कराया जा रहा है।

पीड़ित मो० नाजिम ने बताया कि पिता के अचानक लापता होने के बाद परिजनों द्वारा लगातार विभिन्न स्थानों पर उनकी तलाश की जा रही थी। इसी दौरान डगरुआ थाना क्षेत्र के बारसोनी इलाके में कुछ लोगों ने लापता बुजुर्ग की तस्वीर देखकर जानकारी दी कि सबूतर गांव निवासी मो० मोजाहिद साह, पिता मो० कुद्दुस साह, उन्हें टेम्पू पर बैठाकर भीख मंगवाते हुए देखा गया था।

इस सूचना के आधार पर परिजन गनेशपुर पंचायत के वार्ड संख्या-2 बैरगाछी फकरतकिया गांव पहुंचे, जहां मो० मोजाहिद साह को पकड़कर ग्रामीणों की मौजूदगी में पूछताछ की गई। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसने कहा कि यदि 20 हजार रुपये दिए जाएं तो वह लापता मो० अलाउद्दीन को वापस लाकर दे देगा।

मो० नाजिम के अनुसार, ग्रामीणों के समक्ष मो० मोजाहिद साह को 20 हजार रुपये भी दिए गए, लेकिन इसके बाद वह लगातार एक सप्ताह तक आज-कल कहकर टालता रहा और उनके पिता को वापस नहीं लाया। इससे परेशान होकर उन्होंने केनगर थाना में लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच करने, आरोपित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा अपने पिता की सकुशल बरामदगी की मांग की है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि मो० अलाउद्दीन काफी बीमार हैं और उनकी मानसिक व शारीरिक स्थिति भी ठीक नहीं है। ऐसे में उन्हें आशंका है कि किसी भिखारी गैंग द्वारा उन्हें अपने कब्जे में रखकर भीख मंगवाने का काम कराया जा रहा है।

फिलहाल मामले में पुलिस को आवेदन सौंप दिया गया है। अब पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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